अस्पताल से आकर, तू चैन से सो रही है
मगर तेरी गर्भ में ये तेरी बेटी,आज बहुत रो रही है
मैंने तो अभी मुंह भी नहीं देखा ज़माने का
कैसे कर लिया फैसला तुने मुझसे निजात पाने का
कल तो मैं टुकडो में पड़ी हुंगी, आज तो जी लेने दो
कुछ पलों के लिए ही सही,मातृत्व का रस पी लेने दो.
मै तो मासूम तेरी गर्भ में लेटी हूँ
कसूर बस इतना है की मै तेरी बेटी हूँ
पैदा करके मुझे, मेरी झलक देख लेना,
तेरी तस्वीर न दिखे तो जरूर फ़ेंक देना
अगर बच गयी तो चाँद पे जाउंगी
सफलता की खुशियाँ तुझ पे ही लूटाउंगी
रात भर का समय है, फिर से सोच लेना...
अगर हो सके तो बस एक मौका देना.......
